Monthly Archive: June 2018

हां मैं झूठ हूँ – Sam

Heart touching poem

हां, मैं थोड़ा झूठा सा हूं… क्योंकि अन्दर से टूटकर भी, चेहरे पर मुस्कुराहट रखता हूं..लाखों सवाल होकर भी, चुपचाप सबकी सुनता रहता हूं…अपने अधूरे लम्हों को पूरा करने की कोशिश में, खुद को मारता रहता हूं…कभी खास रहे अपने…
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