Poem

क्या तुम्हें याद है ? – Kafir

Romantic hindi poem

क्या तुम्हें याद है ? जब तुमने कहा था कि ” अब तुम्हारी बाहें जकड़ने लगी है मुझे “ और मैंने खोल दी थी अपनी बाहें हमेशा के लिए.! अब… फिर, जब की तुम्हें किसी के बाहों में सूकूं ना…
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अधुरो सपना – Stranger Tezz

Romantic nepali poem

आफ्नो सपनालाइ पुरा गर्ने आसमा तिम्रो खुसिको हत्या गर्नु छैन जलेको यो ह्रिदय शान्त पार्न तिम्रो हासोको अचानो बनाउन छैन तेतिकै नै अल्झेको छ मेरो जिवन तिमीलाइ नै यो भूमरिमा अल्झाउन छैन तेतिकै नै दुखको सिलौटामा पिस्दैछ मन तिम्रो मुस्कानलाइ…
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