Tag Archive: Sad hindi poem

क्या तुम्हें याद है ? – Kafir

Romantic hindi poem

क्या तुम्हें याद है ? जब तुमने कहा था कि ” अब तुम्हारी बाहें जकड़ने लगी है मुझे “ और मैंने खोल दी थी अपनी बाहें हमेशा के लिए.! अब… फिर, जब की तुम्हें किसी के बाहों में सूकूं ना…
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दिल को तोङ गयी – Akash

Sad hindi poem

क्या कसूर था इसका जो इसे अकेला छोङ गयी, नादान था मेरा दिल क्यो इसे तोङ गयी, इक अनजान राहो से ले आई प्यार के सफर पर, और इस सफर में भी अकेला छोङ गयी । रोता हूँ छुपकर रातो…
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“दुनिया का सबसे बड़ा सत्य” – Ajay

Sad hindi poem

एक दिन वो मेरे पास आई और पूछी कि पापा माँ कहाँ है , तुम तो कहते हो वो सितारा हैं आसमाँ की , तो बताओ न आखिर वो आसमाँ कहाँ है … बेटी के इन प्रश्नों ने एक तीर…
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