Tag Archive: Heart Touching poem

Chand – Ajay

Chand a poem

गंगा की शांत सतह पे वो एकादसी का चंद्रमा घाटों पे लगा वो नौंको का डेरा सीढ़ियों पे बैठे हम भी कुछ शांत से ही है लेकिन मन को है पानी के लथेड़ों ने घेरा मेरा मन भी है गंगा…
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हां मैं झूठ हूँ – Sam

Heart touching poem

हां, मैं थोड़ा झूठा सा हूं… क्योंकि अन्दर से टूटकर भी, चेहरे पर मुस्कुराहट रखता हूं..लाखों सवाल होकर भी, चुपचाप सबकी सुनता रहता हूं…अपने अधूरे लम्हों को पूरा करने की कोशिश में, खुद को मारता रहता हूं…कभी खास रहे अपने…
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