खोया हुआ सपना

रात के अंधेरे में, तन्हाई का आलम था,दिल में बसा एक सपना, अब टूट चुका था। वो हसीन ख्वाब, जो मैंने बुन लिया था,जिंदगी के हर मोड़ पर, उसे ही देखा था। आसमान में उड़ता था, मैं पंख फैलाए हुए,पर ज़मीं की सच्चाई, मुझे जकड़े हुए। हर कदम पर धोखे मिले, वादे थे सब झूठे,सपनों …

खोया हुआ सपना Read More »