प्रेम की अनमोल कहानी

नदी किनारे बैठा, मैं और तुमतारों भरी रात थी, एक अनोखा संगम।बातों में खो गए थे, चांदनी की छांव मेंतेरे संग बिताए, वो प्यारे से पल। तेरी हंसी की वो खनक, जैसे सागर की लहरदिल को छू जाती, हर एक बार जैसे पहर।तेरे बिना ये जहां, लगता सूना सूनातू है मेरे जीवन की, एक अनमोल …

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