Real love on roof

My Love Seema (Part-I) – Unknown

में रोज़ सुबह अपने घर की छत पर जाकर पड़ता था एक दिन की बात है में अपने घर की छत पर सुबह-सुबह गया जहाँ ठंडी ठंडी हवा और निकलते सूरज की मीठी सी धूप और उस धूप में चमकता हुआ एक मासूम सा चेहरा, ठीक मेरे सामने वाले घर की छत पर मुझे नज़र आया मेने जैसे ही उस की तरफ देखा तो उसने अपनी नज़र झुका ली मनो जैसे उसकी कोई चोरी पकड़ी गई हो पर उस वक्त मेने इस बात पर ज्यादा गौर नहीं दिया, लकिन अगले रोज़ वैसा ही हुआ मुझे तो वो खिला हुआ चहरे से उसी दिन मोहोब्बत हो गई पर क्या करता डरता जो था मेरा हर रोज़ छत पर जाना और चुपके चुपके से उसका मुझे देखना और मेरा उसे देखना बस यू ही चलता रहा में घर से कॉलेज को निकलता तो छत पर होती और जब वापस आता तब भी वो मेरा इन्तजार करती हुई छत पर ही बैठी हुई मिलती जैसे ही मुझे देखती वैसे ही खड़ी हो जाती और मुझे ऐसे निहारती मानो कई बरसो के बाद उसने मुझे देखा हो अभी तक न वो मेरा नाम जानती थी और ना में उसका, वक्त ऐसे ही गुजरता गया कुछ समय बिता में भी अब अपनी पढ़ाई पर कम और उस पर ज्यादा ध्यान देने लगा वो स्कूल जाती कोचिंग  जाती कही भी जाती उसका पीछा करते हुए हर जगह जाने लगा मेरा मन पढ़ाई में से बिलकुल हट गया मेरा मन बस उसी के बारे में सोचने लगा मेरे एग्जाम भी नज़दीक आ गए थे मुझे कुछ तो करना था  जब मुझसे नहीं रहा गया तो मेने उस से बोलने की ठान ली !  02.fab.2010 को मेने स्कूल ना जाने का फैसला लिया और सोचा क आज बोल दूँगा सुबह जब वो स्कूल गई तो उसके पीछे गया पर हिम्मत नहीं हुई उसके वापस आने का इंतजार किया पर तब भी कुछ नहीं बोल पाया वो अपने घर पर पहुंच गई और में अपने घर पर हल्की हल्की सी सर्दी हो रही थी तो में छत पर ही आ गया कुछ समय बाद वो भी छत पर आ गई और वही लेट गई में उसका बहुत देर से इंतजार कर रहा था वो जब आई तो लेट गई क्योकि उसने मुझे नहीं देखा में छुप कर उसका इंतजार कर रहा था जब में उसके सामने आया तो वो खड़ी हो गई और मुझे देखती रही. मैने बहुत हिम्मत कर के उस से इसारे से पूंछा क्या तुम मुझसे प्यार करती हो? वो कुछ नहीं बोली मैने एक बार फिर से पूंछा वो फिर भी कुछ नहीं बोली मुझे गुस्सा आ गया और  में गुस्से में कमरे में चला गया और उसे छुप कर देखने लगा वो वापस लेटने चली गई २ मिन. बाद मेरा मन नहीं मना तो में वापस आया तो झट से खड़ी हो गई और अपने घर की गौक पर आ गई मैने इस बार फिर से पूंछा क्या तुम मुझसे प्यार करती हो………? कुछ देर मेरी तरफ देखा और फिर जो हुआ जैसे दुनिया सज गई हो मेरे चारो तरफ जैसे खुशियों का पहरा सा छा गया….. वो हां में अपना सिर हिला कर भाग गई और में बस उस में कही खो सा गया जब उसने हां बोला तो में बता नहीं सकता कि क्या हुआ पर वो एहसास ऐसा जो पहले कभी नहीं हुआ…..
उस दिन फिर वो दुवारा मुझे नज़र नहीं आई मेरा दिल घबराने लगा कि कही वो मुझसे नाराज़ तो नहीं हो गई. रात हुई लेकिन इसी डर में नींद नहीं आई कि कही वो नाराज़ तो नहीं इन्तजार बड़ा लम्बा पड़ा रात इतनी लम्बी कभी न थी इंतजार करते करते आखिर सबह हो ही गई हर बार कि तरह आज भी में छत पर गया लेकिन आज थोड़ा जल्दी पहुंच गया मौसम ने भी कही कोई कसर नहीं छोड़ी उस दिन इतना कोहरा था और इतनी शर्दी थी कि में शर्दी से ठिठुर गया बहुत देर बाद वो आ गई उसका वो प्यारा सा चेहरा और भी प्यारा लग रहा था बाल बिखरे हुए आँखों में नींद और दूर से इतना ज्यादा तो नज़र नहीं आ रहा था और उसके हाथ में टूथ ब्रश. आते ही जब उसने मुझे देखा तो इसारो में बोली क्या हुआ शर्दी नहीं लग रही क्या. और में कुछ नहीं बोल पाया बस उसे देखता रहा ! कुछ देर बाद मैने उस से इशारो में उसका मोब. न. पूंछा तो उसने मना कर दिया कि मोब. है नहीं कुछ देर बाद वो नीचे चली गई और में भी नहाने चला गया !
उस दिन जब वो स्कूल गई तो में उसके पीछे पीछे स्कूल तक गया पर कुछ कहा नहीं, उसके स्कूल टाइम पर कोचिंग के टाइम पर उसके साथ जाना मनो जैसे मेरी आदत ही बन गई मुझे हर टाइम बस उस टाइम का इन्तजार रहता जिस  टाइम पर वो घर से निकलती थी 04.fab.2010 को जब वो स्कूल से वापस आ रही थी तो में उसके पीछे पीछे आ रहा था ! मैने कुछ कहा नहीं उसने रस्ते में सड़क पर एक पर्ची डाल दीघर जाकर मेने जब उस पर्ची को देखा तो उसमे लिखा था “7 बजे फ़ोन करना आज” मेने जब उसे देखा तो 7 बजने का इंतजार करने लगा शाम 7 बजे मेने फ़ोन किया तो एक प्यारी सी आवाज आई हेलो…. कुछ बाते हुई तब उसने अपना नाम बताया “सीमा”…….
हमारी बाते होने लगी
Next part coming soon……….

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36 thoughts on “My Love Seema (Part-I) – Unknown”

  1. Rait ki tarah apna pyar hai Har jagah
    Jo fulo Ko paani b Na de saka
    Sukh gay saare ful
    Jo khusbu b na le saka
    De deta jo paani me
    Tab mehek uttha Ye jaha
    Lakin Apne is pyar Ko koi
    Paani b de Na Saka
    …………….p

  2. Mene to kbka asar chod diya
    Or Bas jiy Ja rha Hu
    Pana hi sirf pyar nhi
    Khokar pyar krna hi pyar h
    Is baat Ko kahe Ja rha Hu
    Ho chuka ab mujse bhot nhi reh sakta me ab
    Isliy tere Bina me mare Ja rha Hu
    Teri judhai ka vo din
    Jab aata h mere aakho Ke samne
    Yaad kr unhe Roy Ja rha Hu
    Or
    Bas jiy Ja rha Hu .
    …………………..p

  3. Raat chali jaati h Ye sochte sochte
    Ki kya vo pyar tha
    Javab aata h kho diya usko tune or
    Aasu b nhi bahata h
    Haste huwe Mene khud se Kha
    Kho kar pyar krna hi to pyar h
    Isliy ha vo pyar hi tha
    Jo Kuch palo ka tha
    Jiska vajud Aaj b dill me h
    Or is vajud ka saat Kuch vaktt ka hi tha
    ………..p

  4. Jo badal Jaye wo yar kaisa ..Jo chhor Jaye wo sath kaisa …… Log kahte hain mujhe phir se pyar hua..Jo phir se ho Jaye wo pyar kaisa……

  5. Lafjo me kya tarif kru apki .. Aap lafjo me kaise sama paoge…..jb log puchhenge mere pyar k bare me ..to meri aankhon me aap najar aaoge…..

  6. teri kami bhi h …tera ahsas bhi h…
    tu dur bhi h…. mere pas bhi h…
    khuda ne yu nawaja teri dosti se mujhko….
    ki mujhe khud pr gurur bhi nhi h aur ….
    tujhpe naaj bhi h… A.S.

  7. yaad rukti nhi rok pane se ….
    dil sambhalata nhi kisi k samjhane se…..
    ruk jati h dhadkan unhe bhul jane se ….
    hum unhe yaad karte h jeene k bahane se…

  8. Dil se tera khyal na Jaye to kya kru… Tu hi bta Teri yad aaye to kya kru…..Hasrat hai ki tujhe ek nazar dubara dekh lu… Kismat wo lamha na laye to kya kru…..

  9. Woh mujh PR ajib asar rakhta hai,,
    Mere adhure dil ki khabar rakhta hai…….
    Sayad mai use bhul jati ,,
    Magar wo apne pyar ko mere dil me basaye rakhta hai ……..

  10. Khyalo me wo sapno me wo.
    Lekin unki yado me hm the hi nahi..
    Hm jagte rhe duniya soti rhi … Ek
    Barish hi thi …..
    Jo hamare sath roti rahi

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