Poem

दिल को तोङ गयी – Akash

Sad hindi poem

क्या कसूर था इसका जो इसे अकेला छोङ गयी, नादान था मेरा दिल क्यो इसे तोङ गयी, इक अनजान राहो से ले आई प्यार के सफर पर, और इस सफर में भी अकेला छोङ गयी । रोता हूँ छुपकर रातो…
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