सुनील भैया – love story of A Villain

romantic love story in hindi language
                                                        Romantic Love Story in Hindi Language/Font

किसने मारा तेरे को ,नाम बता उसका..~~किसी ने नहीं ~~फिर रो क्यो रहा है ~~ गिर गया था।
पहले वो मुस्कुराये फिर बोले। मर्द की औलाद होकर गिरने से रो रहा है। 
अब उनको कौन समझाये की (बच्चा हो या जवान गिरने के बाद ही रोता है।)
हर स्कूल कॉलेज़ मे एक टॉपर लड़का होता है। जिसे सभी लोग जानते है। और एक 
बदमाश को भी।
सुनील भैया हाँ यही नाम था उनका। टॉपर थे नहीं लेकिन बदमाशी उनके अनदर कुट  कुट के भरी थी। किसी भी लड़के से लड़ जाना उसे
मारना उनके लिये आसान था।
कल सारे लड़के दो दो रुपये लेकर आना फूटबाल खरिदना है। ये उनका आडर था। सबसे पैसे ले लिये लेकिन दो चार दिन बाद भी फूटबाल का कोई आता पता नहीं किसी मे इतना शक्ति नहीं के उनसे 
पूछ ले की फुटबॉल कहा है?

बात पुरानी है। हाइ स्कूल मेरे गांव से पांच किलो मीटर दूर था। उस समय प्चीस तीस गांव के लड़के आते थे उस हाइ स्कूल मे पढने के
लिये
एक से एक तेज़ लड़के और एक से एक बदमाश लेकिन सुनील भैया बदमाशो के गुरु थे।किसी की भी लड़ाई हो सुनील भैया के बिना फैसला नहीं हो सकता। किसी भी गांव के लड़के हो दस बीष उनको अकेले ही मरना शुरू कर देते थे। स्टूडेंट के अलावा टीचर भी डरते थे। एक बार सुनील भैया प्रिंसपल के घर गये थे। प्रिंसपल के घर पे दो डॉग थे मोटे मोटे, सुनील भैया उनको देखते ही बोले की साला ये कुते है। अगर इंसान को कट ले तो १४ इंजेक्स्न लेना पड़ सकता है। समझ नहीं आता की प्रिंसपल ने इन को क्यो पल रखा है। क्या ये हल चालने के काम आयेंगे? साला फालतू का खर्च है और कुछ नहीं,

दूसरे दिन वो दोनो डॉग गायब थे। पता नहीं सुनील भैया ने उन्हे मार के कंही फेंक दिया या किसी से गायब करवा दिया। हाँ हमने प्रिंसपल को सुनील भैया को डांटते हुवे जरूर सुना था। क्या बिगड़ा था उन बेचारो ने तेरा क्या किया तूने उनके साथ? सुनील भैया के चेहरे पे एक हल्की मुस्कान थी जवाब की जगह। समझ नहीं आता तुम्हारे अंदर सोचने समझने की सकती, या दिल नाम की कोई चीज है भी या नहीं।
मै यंहा लिखना चाहूंगा की समझ जरूर थी। अपने गांव के किसी लड़के को कोई बोल जाता तो सुनील भैया उसे पीटने से नहीं चूकते थे। रही बात दिल की तो ये कहानी उसी की बदोलत तो पूरी होने वाली है।
~@~
 टॉपर और बदमाश की तरह हर स्कूल मे,,, सभी लड़कियो मे एक खूबसूरत् लड़की भी होती है। हमारे स्कूल मे भी थी। उसे सुनील भैया पसंद करते थे। ये बात सभी को पता था। ये अलग बात थी की उस लड़की ने कभी सुनील भैया को घास तक नहीं डाला था। सबके माइंड मे था देर सबेरे आज नहीं तो कल मान ही जायेगी। शायद सुनील भैया भी यही सोचते थे।
दो चार लड़को ने सुनील भैया को चढ़ा दिया ,वैसे तो बोलने को लोग कुछ बोल सकते है। मै भी बोल सकता हु करिश्मा कपूर  से मेरी सेट्टिंग है। तेरी और उसकी कोई बात है ये तो किसी ने देखा ही नहीं,
ये बात है।…….फिर आज शाम को देख लेना …शाम को स्कूल की छूटी के बाद सुनील भैया ने उस लड़की का हांथ पकड़ कर पूरी स्कूल के सामने उसे परपोज़ किया, “”””चटाक”””उस लड़की ने सुनील भैया के गाल पर एक जोरदार तमाचा रसीद कर दिया।

सुन्न सनता छा गया उस टाइम स्कूल के बाहर सुनील भैया को भी अंदाज़ा नहीं था की ये हो जायेगा। उन्हे  समझ नहीं आ रहा था की क्या करे
शायद वो चटा उसके गाल पे नहीं उसके दिल पे लग गया।    वे सिर्फ इतना ही बोल पाये     मै  तुझसे सचा प्यार करता हूँ। उसी की कसम शादी करूंगा तो तुझसे वर्ना ज़िंदगी भर कंवारा रहूँगा
सबको लगने लगा की की सुनील अब कोई क्राईम करेगा। जब शादी की बात बोला है तो ज़रूर कुछ करेगा।

दूसरे दिन सुनील भैया स्कूल नहीं आया तीसरे चोथे दिन भी , उस दिन के बाद वो कभी स्कूल नहीं आये शायद उन्होने पढ़ाई छोड़ दिया ,
धीरे धीरे काफी दिन बीत गये। लोग उस बात को भूल गये। कियोकि उस दिन के बाद सुनील भैया न दिखे ना ही उन्होने कुछ किया।
सालो बीत गये,
एक दिन अचानक मैने सुनील भैया को देखा। पहचान नहीं पाया पागलो जैसी हालत थी उनकी

 उन्होने मुझे देखा दिल भर आया उनका रोने लगे। मेरी रूह्ह कांप गयी। क्या किसी को प्यार करना गुनाह है? मुझे पता लगा की वो अपने ही घर मे गाय भैंस का गोबर उठाते है। गुम सूम रहते है। किसी से जादा बात नहीं करते एकांत मे रोते रहते है।

स्कूल मे तो किसी को पता ही नहीं था की सुनील कैसा है किस हाल मे है। लड़के टीचर भूल गये थे उस बात को लेकिन वो जो ऊपर बैठा है
वो नहीं भुला था कहते है २४ घंटे मे एक टाइम ऐसा आता है।जब इंसान की कही कोई बात सच हो जाती है। शायद उस दिन सुनील भैया की कही हुई बात गॉड ने सुन ली या यू कहो की सच कर दी। शादी करूंगा तो तुझसे वर्ना ज़िंदगी भर कंवारा रहूँगा
सुनील भैया की शादी के लिये लोग आते लेकिन वो माना कर देते थे। इत्फाक कहो या कूदरत की मेहरबानी जिसने चाटा मारा था उस लड़की के घरवाले भी आये शादी के लिये , जिसके लिये सुनील भैया पागल हुवा था। जिसके लिये उन्होने पढ़ाई छोड़ दिया था।जिसके लिये दिन रत रोते थे। आज उसी लड़की का बाप रिश्ता लेकर सुनील भैया के घर  आया था

लेकिन सुनील भैया  ने उन्हे भी माना कर दिया। कियोकि  
 सुनील भैया को नहीं पता था की वो लड़की इन्ही की है।जब वो लड़की को पसंद करते थे,तब उन्हे ये नहीं पता था की किस गांव की और किसकी लड़की है। 
~~@@~~Next part coming soon—

Pls Note: This is not my story “admin of the blog :)”

Do you have a story? Click here to submit it / Connect with the admin

56 thoughts on “सुनील भैया – love story of A Villain”

  1. Kya yha koi aisa hai jo mujhe pyar kare??? Mujhse dosti kare??

    Mai life se bhut dipressed ho chuka hu… Meri zindagi me khaalipan k shiva aur kuchh nhi bacha hua hai… I am feeling very aloneliness in my left…:( koi hai jo mera saath de????

      1. Preeti ji… Mai raat ko jb ye site open kar rha tha… To error show ho rha tha… Isliye… Aapko reply nhi kar paya… I’m really so sorry…:(

    1. Go to the City’s Rental Housing office lacetod in City Hall 24 North Center Street (not the huge courthouse). They have a list of some rental units (but not all) and a list of some landlords in town you can call for more specific details. Within 30 miles you’ll get State Center which has some cheaper places, Tama/Toledo, and Conrad. Depending on your job situation you may not want to live that far away, especially when you’ll have to go to Marshalltown for Walmart, Doctor appointments, etc. and for when it snows.

Leave a Comment

Your email address will not be published. Required fields are marked *