मेरा कमरा – kAASH

बहुत दिनों से बिखरा हुआ कमरा आज समेटा है,
जो ढूंढ रहा था वो तो नहीं मिला पर हाँ
कुछ है जो मिला है,
उस में थोड़ा कुछ मेरा है, बाकी तुम्हारा,

वो Mascara जिसको तुम सिर्फ मेरे लिए लगाया करती थी,
हाँ 2-3 जोड़ी बालियां की भी मिली है,
जब सिरहाने से बिस्तर उठाये तो उसके नीचे रखी थी कही.
मेरा ज़्यादा कुछ तो नहीं मिला पर,

तुम्हारा वो पहला खत ज़रूर मिला
जो तुमने collage जाते टाइम मुझे दिया था
और कहा था कि घर जा कर ही खोलना.
कान की बालियों की साथ कुछ चूड़ियां भी मिली है तुम्हारी,

जिनको तुम अक्सर तब पहना करती थी जब मुझे परेशां करना होता था.
कुछ छोटे बड़े कर के कुल मिला कर दस एक जोड़ी कपडे भी है.
वो Yellow कलर का सूट जिसमें तुम बला की ख़ूबसूरत लगती थी,

वो तुम्हारी Black Denim Jacket
और White Top
जिसमे तुम किसी मॉडल से कम नहीं लगती थी
और हां वो जो तुमने मुझे
Adidas के White वाले Shoes
गिफ्ट किए थे,

जो मुझे बहत पसंद थे
एक बार Cornering करते टाइम घिस गये है.
फैंके नहीं है,
सम्भाल कर रखे है मैंने,

वो तुम्हारा दिया हुआ Coffee Mug
अभी भी Use करता हूँ,
पर पिछले हफ्ते उसका हैंडल टूट गया है मुझसे.
वो भी संभाल कर रखा है
मैंने ऐसे कुल मिला कर कुछ 11 जोड़ी कपडे,

4 जोड़ी बालियां, 3 जोड़ी चूडिया,
कुछ अधूरे ख्वाब और मैं.
जिन्हे तुम छोड़ गयी थी,
ये सब कुछ मिले है आज
जब मैंने बहुत दिनों से बिखरा हुआ अपना कमरा समेटा.

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Comments

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17 Comments

  1. RK

    Beautiful And Heart touching ♥️❤

    Reply
    1. Kaash

      Thnks Buddy

      Reply
  2. Vshal

    Bothard aaskash

    Reply
  3. Friend

    Wow…thank u

    Reply
  4. menka kashyap

    Nice line kaash and pyr ki hr chej smbhali h apne nice kaash

    Reply
    1. Kaash

      Chubh rha Tha.. Is liye Likh diya..
      Ab Likh Diya.. Is liye Chubh raha hai.

      Reply
  5. Smilly

    Wow lovely super 👌👌 komma kiraak kuppa good exellent… Nice story

    Reply
  6. Kaash

    Yoo dude

    Reply
  7. Pihu

    Very nice poem kaash

    Reply
  8. Pihu

    Ye aarzu nahi ki kisi ko bhulay hum…..
    Na tamanna hai ki kisi ko rulay hum…..
    Par duaa hai us rab se ek hi…..
    Jisko jitna yaad karte hai usko utnaa yaad aaye hum…..

    Plzz come back my all frnds…..
    I miss you SO much

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  9. Riya

    Nice poem

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  10. Sami

    Super poem

    Reply
  11. Sami

    wah insaan jo akele reh kar bhi khush hai asal me wahi insaan kahlane yogy hai
    aur aapki khushi dusro par nirbhar karti hai to aap ek gulaam ho.
    abhi aap puri tarah se mukt nahi huye ho
    abhi bhi bandhan (gulami) me bandhe ho.

    Reply
  12. Maahi

    Hello frndz..
    Koi h yhan?

    Reply
    1. Smilly

      Hi ji baa maahi

      Reply
  13. Smilly

    Hi yal

    Reply
  14. Maahi

    Kaise ho smilly?
    Kya aap normal language me baat kr skte ho? Mere smjh ni aa rha isliye

    Reply

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