अधूरी मोहब्बत से शादी तक(साक्षी)

मेरे जीवन की यह कहानी है, एक ऐसी कहानी जिसे मैं कभी भुला नहीं पाऊंगी। मैं साक्षी हूँ, एक साधारण लड़की जो एक छोटे से शहर में पली-बढ़ी है। मेरे जीवन में एक समय ऐसा भी आया जब मुझे लगा कि मैं सबसे खुशकिस्मत लड़की हूँ, लेकिन किस्मत का खेल तो कुछ और ही था।

सब कुछ तब शुरू हुआ जब मैं कॉलेज में थी। एक नई जगह, नए लोग, और नए सपने। मेरे कॉलेज के पहले दिन से ही एक लड़के ने मेरी जिंदगी में दस्तक दी। उसका नाम था आर्यन। आर्यन हमारी क्लास का सबसे Smart लड़का था। हर लड़की उसकी दीवानी थी, लेकिन वह हमेशा अपनी किताबों में खोया रहता था।

मेरे और आर्यन के बीच पहली मुलाकात एक प्रोजेक्ट के दौरान हुई। हम दोनों को एक साथ काम करना था। आर्यन बहुत गंभीर था, लेकिन उसकी आंखों में कुछ ऐसा था जो मुझे उसकी ओर खींच रहा था। वह एक रहस्यमयी व्यक्तित्व का मालिक था, जिसे समझ पाना आसान नहीं था।

प्रोजेक्ट के दौरान हमने काफी समय साथ बिताया। आर्यन का व्यवहार बहुत ही सुलझा हुआ और संजीदा था। वह हमेशा मेरी मदद करता और मुझे गाइड करता। धीरे-धीरे हमारे बीच दोस्ती गहरी होती गई।

आर्यन की एक बात जो मुझे बहुत पसंद आई, वह थी उसकी सच्चाई। वह हर बात बहुत सच्चाई से कहता था। उसकी आंखों में जो ईमानदारी थी, उसने मुझे उसकी ओर और अधिक आकर्षित किया। लेकिन मैं अपने दिल की बात उसे कहने से डरती थी। मुझे डर था कि कहीं वह मुझसे दूर न हो जाए।

एक दिन, जब हमारा प्रोजेक्ट खत्म हो गया, आर्यन ने मुझे कॉफी के लिए बुलाया। यह पहली बार था जब हम कॉलेज के बाहर मिले थे। हम एक कैफे में गए, और वह पहली बार था जब मैंने आर्यन को हंसते हुए देखा। उसकी हंसी में एक मासूमियत थी, जिसने मेरे दिल को छू लिया।

कैफे में उस दिन हमने काफी बातें की। उसने अपनी जिंदगी के बारे में बताया और मैंने अपनी। हमने एक-दूसरे को और गहराई से जाना। उस दिन के बाद हम और भी करीब आ गए। हमारी मुलाकातें बढ़ने लगीं और हमारे बीच एक खास रिश्ता बनने लगा।

फिर एक दिन, जब हम कॉलेज की canteen में बैठे थे, मैंने हिम्मत जुटाकर अपने दिल की बात कह दी। मैंने आर्यन से कहा, “आर्यन, मैं तुमसे कुछ कहना चाहती हूँ।” उसने मेरी आंखों में देखा और कहा, “क्या बात है साक्षी?” मैंने थोड़ी हिचकिचाहट के बाद कहा, “मुझे लगता है कि मैं तुमसे प्यार करने लगी हूँ।”

आर्यन कुछ पल के लिए चुप हो गया। उसके चेहरे पर एक गंभीरता आ गई। फिर उसने धीरे से कहा, “साक्षी, मैं भी तुम्हें पसंद करता हूँ, लेकिन एक बात है जो तुम्हें जाननी चाहिए।” मैंने पूछा, “क्या बात है आर्यन?” उसने कहा, “मेरे दिल में एक और लड़की है, जिससे मैं बचपन से प्यार करता हूँ। उसका नाम अनन्या है।”

आर्यन की यह बात सुनकर मेरा दिल टूट गया। मैं नहीं जानती थी कि क्या कहूं। मेरी आंखों में आंसू आ गए। आर्यन ने मेरी ओर देखा और कहा, “साक्षी, मैं तुम्हें धोखा नहीं देना चाहता। मैं तुम्हें बहुत पसंद करता हूँ, लेकिन मेरा दिल अनन्या के लिए धड़कता है।”

उस दिन के बाद मेरे और आर्यन के बीच दूरियां बढ़ गईं। हम दोनों ने बात करना कम कर दिया। लेकिन मेरे दिल में आर्यन के लिए प्यार कभी कम नहीं हुआ। मैं उसे हर दिन देखती, लेकिन उससे कुछ कह नहीं पाती।

एक दिन, कॉलेज के आखिरी साल में, मैंने सुना कि आर्यन और अनन्या की सगाई हो गई है। यह खबर मेरे लिए किसी सदमे से कम नहीं थी। मैं जानती थी कि मुझे आर्यन को भूल जाना चाहिए, लेकिन मेरा दिल ऐसा नहीं कर पा रहा था।

कॉलेज खत्म होने के बाद मैंने शहर छोड़ दिया और एक नई जगह नौकरी करने लगी। लेकिन आर्यन की यादें मेरे साथ हमेशा रहीं। मैंने उसे भूलने की कोशिश की, लेकिन वह हमेशा मेरे दिल में बसता रहा।

समय बीतता गया, लेकिन मेरा प्यार आर्यन के लिए कभी कम नहीं हुआ। मैंने अपने दिल में उसे हमेशा जीवित रखा। यह अधूरी मोहब्बत मेरी जिंदगी का एक हिस्सा बन गई। लेकिन यही जिंदगी है। कभी-कभी हमें अपने प्यार को छोड़कर आगे बढ़ना पड़ता है।

आज भी जब मैं आर्यन की यादों में खो जाती हूँ, तो मेरे दिल में एक टीस सी उठती है।

समय बीतते-बीतते मैंने खुद को किसी तरह संभाल लिया। नई नौकरी, नए लोग और नई जगह ने मुझे थोड़ी राहत दी। लेकिन कहीं न कहीं, आर्यन की यादें अभी भी मेरे साथ थीं। वह मेरी जिंदगी का एक हिस्सा था जिसे मैं कभी भुला नहीं पाऊंगी।

नौकरी के दौरान मेरी मुलाकात आदित्य से हुई। आदित्य मेरे साथ ही काम करता था। वह बहुत ही प्यारा और समझदार इंसान था। उसकी Smile में एक Magic था जो किसी भी उदास दिल को खुशी दे सकता था। आदित्य और मैंने कुछ ही समय में एक-दूसरे के अच्छे दोस्त बन गए।

आदित्य का व्यवहार और उसकी देखभाल करने का तरीका मेरे दिल को छू गया। उसने मेरे दिल के जख्मों को भरने की कोशिश की। उसने मुझे फिर से हंसाया, फिर से जीना सिखाया। लेकिन मेरे दिल में अभी भी आर्यन की जगह थी। मैंने आदित्य को अपनी कहानी नहीं बताई थी। मुझे डर था कि कहीं वह मुझे गलत न समझे।

एक दिन, जब हम दोनों ऑफिस के बाद एक कैफे में बैठे थे, आदित्य ने मेरी आंखों में देखा और कहा, “साक्षी, तुम बहुत प्यारी हो। मैं तुमसे कुछ कहना चाहता हूँ।” मैंने उसकी आंखों में देखा और कहा, “क्या बात है आदित्य?” उसने धीरे से कहा, “मैं तुमसे प्यार करने लगा हूँ।”

आदित्य की यह बात सुनकर मैं चौंक गई। मैंने कहा, “आदित्य, मैं तुम्हें बहुत पसंद करती हूँ, लेकिन मेरे दिल में किसी और के लिए जगह है। मैं तुम्हें अपनी पूरी कहानी बताना चाहती हूँ।” फिर मैंने आदित्य को आर्यन और अपनी अधूरी मोहब्बत की पूरी कहानी बताई।

आदित्य ने ध्यान से मेरी बात सुनी और फिर मुस्कुराते हुए कहा, “साक्षी, मैं तुम्हारे दर्द को समझ सकता हूँ। लेकिन मैं तुम्हें यह भी कहना चाहता हूँ कि मैं तुम्हारे साथ रहना चाहता हूँ। मैं तुम्हें खुश देखना चाहता हूँ।”

आदित्य की बातें सुनकर मेरे दिल को थोड़ा सुकून मिला। मैंने उसे कहा, “आदित्य, तुम बहुत अच्छे हो। मुझे तुम्हारा साथ पसंद है। लेकिन मुझे थोड़ा समय चाहिए।” आदित्य ने कहा, “मैं इंतजार करूंगा साक्षी, क्योंकि मैं तुम्हें सच्चे दिल से चाहता हूँ।”

उस दिन के बाद, आदित्य और मैं और भी करीब आ गए। उसने मेरे दिल के दर्द को समझा और मुझे खुशी देने की पूरी कोशिश की। धीरे-धीरे मेरे दिल में आदित्य के लिए भी जगह बनने लगी। उसका प्यार और देखभाल ने मुझे फिर से जीना सिखाया।

समय के साथ, आदित्य और मेरा रिश्ता और भी मजबूत होता गया। हमने एक-दूसरे को और गहराई से समझा और जाना। आदित्य ने मुझे यह एहसास दिलाया कि सच्चा प्यार क्या होता है। उसने मुझे वह सब कुछ दिया जो मैंने कभी सोचा भी नहीं था।

एक दिन, जब हम दोनों समुद्र किनारे बैठे थे, आदित्य ने मेरा हाथ थामा और कहा, “साक्षी, मैं तुम्हारे बिना नहीं रह सकता। क्या तुम मुझसे शादी करोगी?” उसकी आंखों में सच्चाई और प्यार देख मैं भावुक हो गई। मैंने धीरे से कहा, “हाँ आदित्य, मैं तुमसे शादी करूंगी।”

हमारी शादी की तैयारी शुरू हो गई। हमारे परिवार और दोस्त बहुत खुश थे। शादी का दिन आ गया और वह दिन मेरी जिंदगी का सबसे खूबसूरत दिन था। आदित्य और मैंने एक-दूसरे से वादा किया कि हम हमेशा साथ रहेंगे, चाहे जो भी हो।

शादी के बाद मेरी जिंदगी में सब कुछ बदल गया। आदित्य ने मुझे वह सब कुछ दिया जो मैंने कभी चाहा भी नहीं था। उसकी मोहब्बत ने मेरे दिल के जख्मों को भर दिया। मैंने आर्यन को भुला दिया और अपनी नई जिंदगी में खुश रहने लगी।

आज, मैं और आदित्य साथ हैं, खुश हैं। हमारी एक प्यारी सी बेटी भी है, जो हमारी जिंदगी को और भी खूबसूरत बना देती है।

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