Tag Archive: romantic love poem

वो ख्वाब -Raushan & Angel

Wo Shadi or Maa ka Rista Kuch na raha

वो ख्वाब जो देखे थे मैंने. कब भूल गया मुझे याद नहीं. वर्षे बीती रैना जागे. ख्वाब जो चलते थे मेरे आगे. सपना धूमिल मंजिल धूमिल. फिर भी नित निशदिन वो जागे. कब छूट गया फरियाद नहीं. कब भूल गया…
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अब लौट आ यार सोना – Babulal Jakhar

Romantic hindi poem

ऐ सोना ,अपने दिल से पूछो ज़रा,क्या आज भी ये हमारा नही.. तुम चाहे लाख मुँह मोड़ लो पर तेरे दिल को ये गवारा नही… अगर तुम ना जाती हमको ऐसे बीच रास्ते मे छोड़कर,कसम खुदा कीें तो मैं फिरता…
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