Tag Archive: First love poem

हां मैं झूठ हूँ – Sam

Heart touching poem

हां, मैं थोड़ा झूठा सा हूं… क्योंकि अन्दर से टूटकर भी, चेहरे पर मुस्कुराहट रखता हूं..लाखों सवाल होकर भी, चुपचाप सबकी सुनता रहता हूं…अपने अधूरे लम्हों को पूरा करने की कोशिश में, खुद को मारता रहता हूं…कभी खास रहे अपने…
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ये जरूरी तो नहीं – Kaash

Heart touching poem

ख्वाबों में तेरा दीदार करूं, मैं टूट कर तुझसे प्यार करूं पर तू भी मुझसे प्यार करे……. ये जरूरी तो नहीं माना तेरे हजारों दीवाने हैं जमाने में पर मेरी तरह भी कोई तुझे चाहे……. ये जरूरी तो नहीं हर…
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