O Dear… You Changed My Life Totally – Anup Khushwaha

हेलो दोस्तों, मैं अनुप, बिहार से हूँ।
मैंने इस साइट पे बहुत सी कहानियां पढ़ी हैं, अक्सर यहाँ प्यार, मोहब्बत और धोखे वाली स्टोरीज ज्यादा पाता हूँ। साइट ही है प्यार वाला तो प्यार की बातें होंगी ही। 😉
मेरी भी एक कहानी है जो सबसे अलग है। ये कहानी मेरी खुद की लाइफ की है। ये प्यार, मोहब्बत, दुख, दर्द इत्यादि की कहानी नहीं है, ये मेरी खुद की आप बीति है जिसे मैं आपलोगों के साथ शेयर करना चाहता हूं। दोस्तों, कहते हैं कि जब आप अपनी अंदर की बातें किसी से साझा करतें हैं तो मन थोड़ा हल्का हो जाता है।

ये बात तब की है जब मैं बिहार से बाहर पढ़ने गया था, एक्चुअली मैं एसएससी की तैयारी करता हूँ और अभी ग्रेजुएशन पार्ट-2 में हु, तो मैं वहां जाकर अपने एक करीबी रिश्तेदार के साथ शिफ्ट हो गया। वो बन्दा भी कंपेटिशन्स की तैयारी कर रहा था, इसलिए वहाँ पहले से तो रूम की टेंशन नहीं हुई, उसी के पास जा के मैं रहने लगा. मेरे साथ मेरे पिता जी गए थे, वो वहां पर सिर्फ रात को रुके और फिर अगली ट्रैन से घर को वापस आ गएं।
वो जगह मेरे लिए बिल्कुल नया था, वहां की बोली, विचार इत्यादि सबसे मैं अन्विज्ञ था, मैं गांव से किसी बड़े शहर में पढ़ने गया था तो मुझे वहां पे कुछ अजीब सा लगता था। वो मेरा रूम mate ही था जो मुझे समझ सकता था और मैं उसे। 2 दिन ऐसे ही बीता। मन न लगने के कारण मैं दिनों भर और रातों भर सोता था, टोटल में 16-17 घंटे सो जाता था।  फिर मैंने कोचिंग्स जॉइन करी। अब क्लासेज शुरू हो गए। ऐसे ही 1 महीना कैसे बीत गया पता ही नही चला…

धीरे-धीरे बहुत से लड़के दोस्त बने, टीचर्स से जान-पहचान हुई। ऐसे ही कब मैं शहर वाला बन गया मुझे पता भी नही चला। बोली, भेष-भूसा, चाल- चलन हरेक चीजे बदल गईं।
क्लास में 2 पोजीशन हासिल कर ली हमने। पहले पोजीशन पे मेरा room mate था। टेस्ट्स में भी अच्छे मार्क्स आने लगे। अब ऐसे ही ज़िन्दगी गुजरने लगी।
क्लास में कुछ 4-5 लड़कियां भी थी जो कुछ ज्यादा तो तेज नहीं थी पर पढ़ने में अच्छी थीं। वे सब मेरे room mate से बाते करती थीं तो मुझे जरा अजीब सा लगता था  वे हमसे भी बाते करना चाहती थीं पर हमने उन्हें कभी मौका ही नही दिया। मुझे लड़कियों से डर लगता है भाई😣।

अब शुरू होती है मेरी घुटन वाली ज़िन्दगी। मेरा room mate मेरे एक रिलेशन का लड़का था जो रिश्ते में मेरा भाई ही लगता था तो हम दोनो एक दूसरे से अपनी सारी बातें शेयर करते थे और खूब हंस-हंस के एक-दुसरे का मज़ाक भी उड़ाते थे।

एक दिन की बात है, मैं क्लास के लिए रेडी हो रहा था और मेरा भाई भी रेडी हो रहा था। मैंने एक शर्ट पहनी जो पीछे से थोड़ी फ़टी हुई थी। मैंने उसपे ध्यान नहीं दिया और सोचा कि पढ़ने हो तो जाना है, ये ही पहन कर चलता हूँ कौन वहाँ देख रहा है?? तब तक room mate की नज़र मेरे फ़टे कपड़े पे पड़ी तो वो मुझपे भड़क गया और अनाब-सनाब बोलने लगा। आज से पहले उसने मेरे साथ ऐसा बर्ताव नहीं किया था, आज बिल्कुल बदला-बदला सा लग रहा था। मैंने उससे पूछा कि क्या बात है तो उसने कहा कि तू अब बड़े शहर में रह रहा है, ये देहातियों की तरह कपड़े मत पहना कर, तेरा कमीज़ पीछे से फटा है, दूसरा पहन ले।
मुझे बहुत दुख हुआ कि उसने मुझे #देहाती बोला। फिर मैंने उससे पूछा कि तुमने किसे देहाती बोला तो उसने बातें टाल दीं और अकेले ही क्लास चला गया। आज पहली बार वो मुझे अकेले छोड़ के गया था। मैं भी पीछे से क्लास गया। जा कर उसके पास बैठा और उससे वे बातें की तो उसने कहा कि बस मज़ाक में उसने बोल दिया “देहाती”। फिर मैंने उससे पूछा कि क्लास अकेले क्यो आये तो बोला की मेरी मर्जी और वहां से उठ कर आगे की तरफ लड़कियों की चेयर के बगल में जा कर बैठ गया। अब क्लासेज स्टार्ट हो गईं। उस दिन पहली बार टीचर ने मुझे बहुत बोला क्योकि पिछले दिन कुछ वर्ड्स मिले थे याद करने के लिए जिन्हें हमने याद तो कर ली थी पर room mate की बर्ताव से टेंशन में होने के कारण अच्छे तरिके से नही बता पाया।
क्लासेज ओवर हुई। हम दोनों एक ही साथ रूम पे गए लेकिन किसी ने किसी से बात तक नहीं की। मुझे बहुत बुरा लगा।
अब रोज का ये ही धंदा हो गया। वो रोज मुझे छोटी-छोटी बातों पर बोलने लगा यहां तक कि उसने मुझे एक दिन ये भी कह दिया कि वो मेरा कुछ नहीं है और न ही मैं उसका कुछ लगता हूँ। मैंने उसकी बहुत सही पर उसने मुझे बिन बात के बोलना बन्द नही किया। वो अक्सर कहा करता था कि यार अनुप! तू बिल्कुल स्मार्ट नही है, तू हैंडसम नहीं है और तेरे पास ज्यादा नॉलेज भी नहीं है इत्यादि। ये सब बाते सुन-सुन कर मुझे बिल्कुल अच्छा नहीं लगता था। कभी-कभी मैं रोने भी लगता था। उसने मुझे इतनाना बोल दिया कि मैं सोचने लगा कि आखिर मेरे में ऐसी कौन सी कमी है जो मुझे उसकी तरह नही बनने देती। मैं अब अपनी कमियों को ढूंढने लगा और अब मैं अच्छा बनने की सोचने लगा। ये बात नही है कि हम बुरे इंसान हैं, हां, ये जरूर है कि मैं उसकी नज़रों में बुरा था। हमने 2 हफ्ते में खुद को ऐसा बना लिया कि बगल वाले भी बोलने लगे कि अनुप अब बदल गया है। किसी से सीधे मुँह बात नही करता, हमेंशा busy रह रहा है। लोग तो ये भी कहने लगे कि अब मैं सेल्फिश हो गया हूँ, में किसी से कोई समान साझा नही करता etc.
मैं अब धीरे-धीरे इनसब बातों को इग्नोर करने लगा और खुद को smart, handsome और intelligent बनाने लगा। रूटीन बनाली थी मैंने पूरे दिन की कि मुझे कब जगना है, कब तक exercise करना है, कब तक पढ़ना है, कब खाना बनाना है, कब स्नान करना है, कब मार्किट जाना है और कब सोना है इत्यादि।
अब मैं खुद से ही बातें करता, किसी दूसरे से मतलब नहीं थी। जब मन नही लगता था तो movies देखता। वैसे room mate से तो बात-बात पे अब झगड़े होने लगे पर मैं हमेशा शांत हो जाता क्योंकि वो लड़का थोड़ा हट्टी टाइप का था, सिर्फ अपनी ही सुनता था किसी दूसरे की नहीं।

ऐसे ही 6 महीने गुजरे। अब मेरे और उसके बीच हद से भी ज्यादा दूरियां बन गयी थीं। वो अब बात-बात में मेरे मज़े लेता रहता था पर मैं शांत रहता था और कुछ नहीं बोलता। धीरे-धीरे मुझे उसके कुछ राज पता चले जिन्हें सुनने के बाद मुझे उससे नफरत सी हो गयी। इतना कुछ होने के बाद भी हम दोनों एक-दूसरे का साथ नहीं छोड़ते थे, उसकी तबियत बिगड़ती तो मैं उसकी हेल्प करता और जब मैं बीमार पड़ता तो वो मेरी हेल्प करता।
हा, ये बात तो थी उसमें कि वो फाइनेंस प्रोब्लेमस में किसी की भी मदद कर देता था पर था बहुत घमंडी। उसमें इतना अभिमान भरा है कि वो अपने सामने किसी की सुनता ही नहीं है।

एक दिन शाम में मैं और वो छत पे बैठ कर हल्की हंसी मजाक कर रहे थे वो भी बिना मन के। बात-बात में हमने उससे बोला कि मैं अपनी लाइफ में बहुत कुछ करना चाहता हूं तो वो बहुत जोर-जोर से हसने लगा और जब मैंने उससे पूछा कि क्यो है रहे हो तो उसने कहा कि यार अनूप तेरे में ऐसी कौन सी ख़ासियत है जो तुझे औरों से अलग करती है? मैंने उसे अपनी खासियत बताई तो फिर उसने कहा कि अनुप तेरे में बहुत सी कमियां हैं जो तुझे औरों से कभी अगल नही कर सकती, तू जिम्मेवार लोगों की तरह नही सोचता, तू गवार ही रह जायेगा, तू दिखने में बिल्कुल भोला-भला है, तुझे कोई भी उल्लू बना देगा, तू ज्यादा स्मार्ट भी नहीं है और न ही तुझमें कोई काबिलियत ही है, तू अपनी ज़िंदगी में कोई काम नहीं कर सकता, तुझे मेरी तरह बनने में हज़ारों साल लग जाएंगे फिर भी तू मेरी तरह नहीं बन पाएगा, तेरे अंदर शैतान बैठा है……..उसने मुझे इतना बोला कि मेरी आँखें भर आयी और मैं उसके सामने रो पड़ा। आज तो ऐसा लग रहा था कि जैसे आत्मा शरीर से निकल गयी हो। बिल्कुल अकेला महसूस कर रहा था मैं। पूरे दिन छत पे बैठ कर मैं सोचता रहा कि आखिर मेरी कौन सी कमियां उसे पसंद नहीं हैं, मुझे ऐसा क्या करना होगा कि मैं उसकी नज़रों में औरों से बिल्कुल अलग दिखूं।
Conclusion सिर्फ इतना निकला की मैं यहां नहीं रहूंगा और फिर हमने अपनी सारी बातें माँ से बतायीं तो माँ ने कहा कि रिस्तेदारी का मामला है कैसे क्या होगा। पिता जी को अब सारी बातें मालूम हो गईं, वो पहले तो गुस्सा हुयें but बाद में बोलें कि वो शहर छोड़ दो और कहीं और देखो जहाँ तुम्हे अच्छा लगे, वहां पढ़ने जाओ। तो हमने अब पटना के बारे में सोचा है। मैं अभी ट्रैन में हूँ और अपने गांव जा रहा हूँ, कल सुबह पहुँचूँगा वहाँ। मैंने उस शहर को हमेंशा-हमेंशा के लिये छोड़ दिया। अब मैं अपने लोगों के साथ रहूंगा और खुद को ऐसा बनाऊंगा कि वो लड़का, जिसने मुझे इतना कुछ कहा है, मेरे सामने खड़ा नही हो पाए।

उसने मेरे साथ ऐसे-ऐसे बर्ताव कियें हैं जिन्हें मैं यहाँ बता नही सकता। पढ़ने के वक़्त लाइट ऑफ करना, सोते वक्त डिस्टर्ब करना, बहुत बुरा था वो। मैं उससे कोई सलाह लेता तो कहता कि तुम खुद के बारे में  सोचो, मेरे पास वक़्त नहीं है तुम्हारे लिए।
वो पढ़ने में मेरे से बहुत अच्छा था but वो क्रिएटिव नही था। वो सिर्फ पैसे, कपड़े, गाड़ी, इज़्ज़त इत्यादि को अहमियत देता था। उसने मुझे अपना कभी समझा ही नहीं। उसने मुझे जीना सीखा दिया। उसने मुझे ये बता दिया कि इस दुनिया में कितने गिरे हुए इंसान हैं। वो मुझे पागल, आवारा, गवार, मन्द बुद्धि समझता था। खैर जो समझे, मैं तुम्हारा जवाब दूंगा, समय आने दो।

अभी बहुत सी बातें हैं आपलोगों को बताने के लिए उसके बारे में but इतने छोटे में ज्यादा बातें नही बता सकता।

आपलोग कभी अपने रूम पार्टनर से ऐसा मत करियेगा। बहुत दर्द होता है जब कोई इतना सब बोलता है तो। लड़की क्या होती है, मैं नही जानता but प्रेम क्या होता है ये अच्छी तरह पता है अब मुझे।
लाइफ में अकेले ही जीना पड़ता है, कोई साथ देने नहीं आता, समय पे घर-परिवार भी पीछे छूट जाता है।

इएलिये दोस्तों, कभी किसी के साथ विस्वासघात मत करना क्योकि विस्वास ही ऐसी चीज़ है जिसे दुनिया खड़ी है। मैंने उसपे विस्वास किया, ये मेरी लाइफ की पहली और अंतिम गलती है। अब किसी पे विस्वास नहीं होता। खुद पे ही अब इतना विस्वास हो गया है कि बड़े-से-बड़े मुसीबतों से अकेला ही निपट सकता हूँ।।।।।।

(मैंने story में कुछ प्राइवेसी की है और room mate और शहर के नाम के चर्चे नहीं किये इसके लिए sorry.)

आपको हमारी आपबीती कैसी लगी?

This is your admin Sunil Gupta, Please follow me on Instagram and Whatsapp: 7065637638 (Ye kisi Ladki ka number nahi hai 😀 :P) for questions and complaints.

Comments

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9 Comments

  1. zainab

    Smart intelligent handsome exectra2…ye SB aapne h ya nhi ye to aap Jane BT aap dil k achhe h nd ye duniya dil k achhe or sachche insane ko pagal smjhti h to just chilled khudko kisi k liye nhi srf apne liye bdlo jitni zarurt ho srf utna bdlo coz pathar ki srf murtiyan achhi lgti h insane nhi best of luck for ur further future.

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  2. Anup Kushwaha

    Thanks bro

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  3. Anup Kushwaha

    Yr…Wo jb bhi mere sath kahi jata tha to mere se baat nhi krta tha or hmse thodi dur rah kar chalta tha…Jb wo apne friends ke sath hota tha to mere trf dekhta bhi nhi tha…Jb kahi use jana hota to mere se bina puche chla jata tha or jb mai usse puchta tha ki kha gye the to bolta tha ki tujhe usse kya lena….Mai uski kamo ke liye uske sath kahi bhi chla jata tha..But wo mere kaam ke liye mere sath kahi nhi jata tha….Mai usse uski cell phone mangta kuch kaam krne ke liye qki us smay mere pass android phone tha to wo nhi deta tha khta tha ki battery khatm hai ya phone heat ho gya hai….Meri koi bhi sman ko use krne ke baad mere ko hi bolta tha ki tumhare pass hai hi kya….Mere books ko padh kar mere ko hi bolta tha ki tu padhta nhi hai…Pure din time pass krta hai room me so kar…Ab mai use kaise btau ki jb mai jo subject padhne baithta tha to wo usi smay us subject ki book mere se le leta tha….Maine uski bhut help ki hai…But us help ke badle me mujhe dhokha or aanshu mile hain….

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  4. niya

    Apka roommate to chahta hi ni h ki ap aagey badho ya kuch achha karo aise logo se duri bna lena hi behtar hota aise log dusro ko nicha isliye dikhate h taki uski koi selfrespect ko chot pahuche aise logo k feelings nam ka koi chij ni hota ap khi or shift ho re ye achhi bat h or jaha tk mujhko lgta h ki ap me koi kmiya ni h ap bs ab apni padhai pr dhyan avi life me bhut kuch krna baki h is burey samay ko bii bii bol do

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    1. Anup Kushwaha

      Niya, mai aapko bta du, mai kal se depression me hun, kal meri SSC +2 ki exam thi or kal khud ki okat ka pta lg gya ki mai kitne pani me hun… Sahi me mai waha ja kr glt kiya…Waha padhai ka mahol hi nhi hai or na hi ache teachers hi hai. Sb faltu hai waha pe…. Agr mai patna me hota to is baar 1st attempt me hi meri ssc clear ho jati….Khair ab jo hona tha wo to ho gya…Ab jo hoga…Usko behtar krna hai…thanks

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  5. surander singh

    hello dosto

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  6. noor shidhqi

    कोई तो जलवा खुदा के वासते, दीदार के काबिल दिखाई दे, संगदिल तो मिल चुके है हज़ारो, कोई अहल-ए-दिल तो दिखाई दे।
    ……………
    हर एक बात पे कहते हो तुम की तू कया है
    तुमहीं कहो के ये अंदाज़ ऐ गुफतगू कया है?

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  7. Prince

    Very Sad Story.

    Hey there! It’s me, Prince here. I feel myself so lonely because, I don’t have any friends. If Any Boy or Girl, Who needs A Good & Faithful Friend and Would like to Friendship with me? So, Please WhatsApp/Message me on +919199007192. Only Serious Persons are allowed, Arrogant People & Time-Passers Stay Away.

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  8. Kali

    Agar pyar ki definition SEX hoti
    To
    Is duniya Ke aadhe boys playboy
    Or
    Aadhi girls call girl hoti..

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