Monthly Archive: January 2018

आखिरी सलाम – Raushan

Heart Touching Poem

शायद ये मेरा पैगाम आख़िरी है. सबको ये मेरा सलाम आख़िरी है. बहुत हुआ इस सफर में मिलना मिलाना. बस इस जुदाई का अंजाम आख़िरी है. कल फिर वहां जाऊंगा अपनी उजड़ी सी दुनिया में. आज भी वहां एक नाम…
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Unki Kheriyat – Rausan

First moment & first love

उनकी खैरियत के लिए उन से दूर हुए हम. रोज टूटे और मजबूर हुए हम. करते रहे वफा पर बेवफाई ही मिला मुझे. जहां थी मेरी बस बर्बादी के ही अफसाने. शायद इसीलिए उनके शहर से दूर हुए हम.!! पहले…
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वो ख्वाब -Raushan & Angel

Wo Shadi or Maa ka Rista Kuch na raha

वो ख्वाब जो देखे थे मैंने. कब भूल गया मुझे याद नहीं. वर्षे बीती रैना जागे. ख्वाब जो चलते थे मेरे आगे. सपना धूमिल मंजिल धूमिल. फिर भी नित निशदिन वो जागे. कब छूट गया फरियाद नहीं. कब भूल गया…
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