Monthly Archive: November 2017

Anjaan Musafir – Raushan

Real poem on life

हर रोज ठोकरें खाता हूं और ख़्वाहिश लेकर चलता हूं.. मैं हूं एक अनजान मुसाफिर गिरता और संभलता हूं || पता नहीं जीवन में क्या हो. नहीं पता मेरे मंजिल का, पता नहीं मैं क्यों चलता हूं नहीं पता मेरे…
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Tera Muskurana – Raushan

romantic love poem in hindi

तेरा मुस्कुराना निगाहें छुपाना.. मोहब्बत नहीं तो क्या समझे दीवाना..!! झिझकना तेरा और मुझे देख जाना.. मोहब्बत नहीं तो क्या समझे दीवाना.. तेरे होंठ जैसे की झिलमिल कमल हो.. जिसे चूमकर मेरा जीवन सफल हो..! ये लहरा के आना और…
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